आत्मनिर्भर भारत पैकेज से कृषि संबद्ध क्षेत्र को मिली नई गति :अनुराग ठाकुर

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शिमला(प्रेवि):– केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आर्थिक सर्वेक्षण 2021 के अनुसार  कोरोना आपदा के दौरान मोदी सरकार द्वारा दिए गये आत्मनिर्भर भारत पैकेज से कृषि संबद्ध क्षेत्र को नई गति मिलने व अन्नदाता को आर्थिक लाभ मिलने की बात कही है।
 अनुराग ठाकुर ने कहा “ केंद्र की मोदी सरकार किसान हितैषी है और एक बार नहीं बल्कि अनेक अवसरों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने यह सिद्ध किया है। कोरोना आपदा से देश वासियों को राहत पहुँचाने के लिए मोदी सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज दिया और आर्थिक सर्वेक्षण 2021 के अनुसार इसका सबसे ज़्यादा लाभ कृषि संबद्ध क्षेत्रों व अन्नदाताओं को मिला है। सर्वेक्षण के अनुसार, कृषि क्षेत्र को आत्मानिर्भर भारत पैकेज की घोषणाओं के तहत ऋण, बाजार सुधार और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग संबंधी विभिन्न उपायों से ‘नयी गति’ मिली है।पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन सहित संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार के विभिन्न हस्तक्षेप, संबद्ध क्षेत्रों की क्षमता के समुचित दोहन के प्रति सरकार के संकल्प को प्रदर्शित करते हैं। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन सहित संबद्ध क्षेत्रों के संबंध में धीरे-धीरे कृषि आय और रोजगार का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन गए हैं। अन्नदाता ऊर्जा दाता भी बने और उसकी आय दोगुनी हो इस दिशा में मोदी सरकार द्वारा उठाए गए सभी कदम सही दिशा में फलीभूत हो रहे हैं”
आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा “ आर्थिक सर्वेक्षण 2021 के अनुसार कोविड-19 के चलते लागू लॉकडाउन में भारत के कृषि क्षेत्र ने बेहतर प्रदर्शन किया है।2020-21 के दौरान अन्य क्षेत्रों में गिरावट के बीच कृषि और संबद्ध गतिविधियों के क्षेत्र का प्रदर्शन चमकदार रहा और चालू वित्त वर्ष में इस क्षेत्र में 3.4 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि का अनुमान है। भारत में समावेशी विकास का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के विकास के बिना पूरा नहीं किया जा सकता है और ग्रामीण क्षेत्र का विकास कृषि पर निर्भर है।
मोदी सरकार के कुशल प्रबंधन के चलते कोविड-19 की वजह से देश भर में लागू लॉकडाउन का रबी की कटाई और खरीफ की बुवाई पर कोई असर नहीं पड़ा। वार्षिक आर्थिक समीक्षा में नए कृषि कानूनों का मजबूती से पक्ष रखते हुए कहा गया है कि ये तीन कानून किसानों के लिए बाजार की आजादी के एक नए युग की शुरुआत करने वाले हैं। इन तीन कानूनों से भारत में छोटे और सीमांत किसानों का जीवन सुधारने की दिशा में दीर्घकालिक लाभ होगा। इन कानूनों को मुख्य रूप से’ छोटे और सीमांत किसानों के फायदे को ध्यान में रख कर तैयार किया गया है. लगभग 85 प्रतिशत किसान इन्हीं श्रेणियों में आते हैं और मोदी सरकार कृषि व कृषक हित में साहसिक निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है”।

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