जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं लेती सरकार, तब तक जारी रहेगा किसान आंदोलन – राकेश टिकैत

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पांवटा(ब्यूरो):– सिरमौर के पांवटा साहिब के हरिपुर टोहाना में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया था,  जिसमें किसान नेता राकेश टिकैत समेत कई राष्ट्रीय किसान नेता पहुंचे थे। पंडाल में बैठे किसानों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ राकेश टिकैत का स्वागत किया।

बता दें कि चौधरी राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढूनी, अभिमन्यु, चरणजीत सिंह जैलदार, हरप्रीत सिंह खालसा, जसविंदर सिंह विलिंग आदि मौजूद रहे । तीनों कृषि कानून के खिलाफ हिमाचल में पहली बार किसान महापंचायत का आयोजन किया गया है। इस महापंचायत मे किसानों को तीनों कृषि कानून के खिलाफ जागरूक करने का प्रयास किया।

महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये समझ लो कि ये हमारा शाहिन बाग का आंदोलन नहीं है, जो कोरोना के आने से खत्म हो जाएगा। पश्चिम बंगाल का चुनाव निपटते ही सब कुछ सामान्य हो जाएगा।

उन्होंने हिमाचल सरकार को भी सीधे शब्दों में कहा कि किसानों को ट्रांसपोर्ट सब्सिडी दी जाए, जंगली जानवरों का इलाज नहीं कर सकते तो नुक्सान का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में चल रहे आंदोलन की स्थानीय कमेटियों को पहाड़ों में जाकर किसानों की समस्याओं से रू-ब-रू होना चाहिए।

टिकैत ने ट्रिपल टी का नारा देते हुए कहा कि टैंक ,ट्रैक्टर, टिवट्र ही देश को बचाएंगे। उन्होंने कहा कि किसान ट्रैक्टर के लिए तैयार रहे तो युवा टिवट्र को हैंडल करें। वहीं देश का जवान सीमा की रक्षा टैंक से करवाएगा। टिकैत ने सवाल उठाया कि 2004 के बाद सरकारी कर्मचारियों की पैंशन को बंद कर दिया गया है, लेकिन विधायकों व सांसदों की पैंशन जारी है।

टिकैत ने साफ़ शब्दों में कहा कि चाहे कोरोना का बाप भी आ जाए तो भी किसान आंदोलन बंद नही होगा। टिकैत ने कहा कि ये समझ लेना कि 2021 का साल आंदोलन का है। पहाड़ के किसानों को भी दिल्ली आंदोलन में शामिल होने की आवश्यकता है। महा पंचायत को लेकर पुलिस ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हुए थे।

इसमें स्थानीय नेता अनिंद्र सिंह नौटी, तपेंद्र सैनी, गुरविंद्र सिंह, तरसेम सिंह इत्यादि शामिल थे। पुलिस ने महा पंचायत पर ड्रोन कैमरों से नजर रखने की व्यवस्था की हुई थी।

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