जुन्गा क्षेत्र के जंगलों में आग से 15 हैक्टेयर वन संपदा का हुआ भारी नुकसान

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शिमला(प्रे।वि):- जंगलों में लगी आग से जुन्गा क्षेत्र में 15 हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र को भारी नुकसान पहूंचा है, जिनमें सर्वाधिक स्थानीय लोगों की घासनियां शामिल हैं। वन मंडलाधिकारी शिमला सुशील राणा के अनुसार आग अश्वनी पुल के साथ लगते गांव  कियूं,चकोड़ा, खीण, केजोयड़ा, टिक्कर, गड़ोत कोहान गैहर इत्यादि में पिछले चार पांच दिनों से लगी थी जिस पर स्थानीय लोगों की मदद से काबू पा लिया गया है  तथा बीते रात बारिश होने से  जंगलों में धीमी गति से जल रहे झुंडे भी बुझ गए है ।

उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र फोरेस्ट बीट जघेड़ी बाग और रठमू के अंतर्गत आता है । डीएफओ का कहना है आग से वन संपदा बचाने के लिए लोगों को समय- समय पर जागरूक किया जाता है और आग पर निगरानी रखने के लिए शिमला वन मंडल में 52 फायर वाचर भी तैनात किए गए है । उन्होंने  कहा कि लोगों द्वारा कई बार अपने खेतों में झाड़ियों तथा चीड़ की पतिेयों को जलाने के लिए आग लगाई जाती है जिससे कई बार वन संपदा को काफी क्षति पहूंचती है । इसके अतिरिक्त शरारती तत्वों द्वारा भी जानबूझ कर वनों में आग लगाई जाती है।

डीएफओ ने बताया कि सूखा पड़ने के कारण फायर सीजन इस वर्ष पहली अप्रैल से घोषित किया गया है जबकि फायर सीजन हर वर्ष 15 अप्रैल के बाद आरंभ होता था । उन्होंने कहा कि वन विभाग के सभी फील्ड कर्मचारियों की छुटिटयां रदद कर दी गई है तथा इन्हें अपने अपने क्षेत्र में तैनात रहने के आदेश दिए गए है। जुन्गा के बुद्धिजीवी पंकज सेन का कहना है कि आग लगने से अश्वनी खडड के साथ लगते निजी  क्षेत्र की विशेषकर घासनियों को काफी नुकसान पहूंचा है।

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