कोरोना का कहर

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कोरोना वायरस का कहर इतना गंभीर रूप लेता जा रहा है जिसका अंदाज सहज ही इस बात से लगाया जा सकता है कि कई शहरों में इस वायरस के कारण सन्नाटा सा छा गया है। लोगों को घरों में कैद होने को मजबूर होना पड़ रहा है। चीन में तो अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि अभी तक स्पष्ट आंकड़ों का कोई अनुमान नहीं है। कहा जा रहा है कि यदि इसी तरह इस वायरस का कहर यूं ही बढ़ता रहा तो मरने वालों की संख्या कहीं एक लाख का आंकड़ा भी पार न कर जाए।  जहॉं चीन में कोरोना वायरस का कहर अभी थमता नजर नहीं आ रहा है वहीं पूरब से पश्चिम तक इस बात को लेकर निरन्तर चिंता बनी हुई है कि कहीं यह वायरस पूरी दुनिया को ही अपनी चपेट में न ले ले। फ्रांस में भी इस वायरस से एक व्यक्ति की मौत का मामला सामने आया है। वुहाना सहित कई आसपास के शहर इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तो पहले ही इसे वैश्विक आपदा बता कर लोगों को इस वायरस के खतरे से आगाह तो कर दिया है लेकिन चीन में कोरोना वायरस के बिगड़ते हालातों के बारे में अभी कोई कयास लगाना सही नहीं क्योंकि जो कुछ भी हमें पता चल रहा है वह सिर्फ सरकारी स्रोतों के जरिए ही सामने आ रहा है।  विश्व स्वास्थ्य संगठन के सामने भी यह चिंता का विषय बना हुआ है चूंकि इस वायरस का कोई भी इलाज अभी तक नहीं खोजा गया है। कोरोना वायरस से संक्रमित रोगियां की तादाद इतनी ज्यादा बढ़ती जा रही है कि जहॉं भारत के लोग भी चीन से अपने-अपने देश लौटने की कोशिश कर रहे हैं वहीं अन्य देशों के लोग भी अपने-अपने घरों को लौटने की तैयारी कर रहे हैं लेकिन चिंता का विषय यह है कि जो लोग चीन से अपने -अपने देशों को लौट रहे हैं उनमें भी इस रोग के होने की पूरी -पूरी आशंका है। फ्रांस ही नहीं जापान में भी एक महिला की इसी वायरस के चलते मौत का मामला सामने आया है। जापानी एक क्रूज में भी लगभग दो सौ से ज्यादा कोरोना संक्रमित लोगों की पहचान होने से पूरी दुनिया में ही यह एक गंभीर चिंताजनक है ।  ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि इस बीमारी का इलाज कैसे हो। सबसे बड़ी चिंता इस बात की भी है कि उन लोगों को चीन से कैसे वापिस लाया जाये जो वहॉं रह रहे हैं और उन्हें उनके देश नहीं लौटने दिया जा रहा है। हालांकि कई भारतीय नागरिक सकुशल चीन से भारत लौट आए हैं लेकिन अभी भी कई छात्र चीन में ही फंसे हैं उनकी भी सुरक्षित वापिसी का इन्तजार है।  कोरोना वायरस के बचने के लिए जिस तरह भारत देश में समय पर सभी अस्पतालों को सतर्क किया गया उससे इतना तो साफ है कि दूसरे देशों से आने वाले जो लोग में इस सक्रंमण से ग्रसित होने की जरा भी संभावना है उन्हें जरूरी चिकित्सा मुहैया कराई जा रही है। और शायद यही कारण है कि अभी तक कोरोना संक्रमित कुछ मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिलने के कारण वे ठीक-ठाक अपने-अपने घरों में सुरक्षित लौटे हैं। वैसे तो हर साल किसी न किसी वायरस जनित बीमारी के अचानक फैलने से कई घटनाएं घट चुकी है लेकिन कोरोना वायरस से निपटना चिकित्सा विज्ञान के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।

 

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