घर में रहें

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घर में रहें, इस वाक्य ने ही कोरोना महामारी को रोकने में यही मंत्र कारगर साबित हुआ। आज पूरे विश्व में कोरोना महामारी के रूप में विकराल रूप धारण कर चुका है। चीन के साथ-साथ रूस, अमेरिका, फ्रांस, जापान, इटली व अन्य सभी विकासशील देश कोरोना महामारी से बुरी तरह ग्रस्त हैं लेकिन भारत में 135 करोड़ की जनसंख्या होने के बावजूद तथा स्वास्थ्य सेवायें भी काफी पीछे होने के बावजूद यह माहमारी विकराल रूप नहीं धारण कर सकी इसका सारा श्रेय देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया जाना चाहिए। नरेन्द्र मोदी ने जब पहली बार लोगों को घरों के अन्दर ही रहने की सलाह दी थी उस समय हर नागरिक को जरूर अटपटा लगा था लेकिन आज लॉकडाउन हुए एक माह हो गया है ओर इसके परिणाम भी साफ दिखाई दे रहे हैं। इस महामारी से निपटने के लिए शुरू में जहॉं एक दिन के लिए जनता कर्फ्यु का आहवान किया गया तो नितांत ही सफल रहा था, फिर लॉकडाउन के माध्यम से और फिर कर्फ्यु के माध्यम से जिस तरह लोगों को घर के अन्दर ही रहने के लिए विवश किया गया तथा सोशल डिस्टेंसिंग, मुंह पर मास्क आदि छोटी-छोटी बातों पर जनता को ध्यान देने के लिए कहा गया उसी का परिणाम यह है कि आज दूसरे देशों की अपेक्षा भारत में कोरोना पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। यद्यपि अभी भी दिन प्रतिदिन कोरोना रोगियां की संख्या बढती जा रही है लेकिन जिस तरह इसको नियन्त्रित किया जा रहा है इससे कोई भी बढ़े खतरे का सामना देश को करना पड़ेगा ऐसा नहीं लग रहा। सरकार ने तो इस रोग को नियन्त्रित करने के लिए कठोर कदम उठाए ही हैं वहीं आम जनता ने भी सरकार के प्रयासों को अमली जामा पहनाने के लिए अपनी ओर से कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। आज पूरा देश ही कोरोना को हराने में लगा हुआ है। लोग अपनी इच्छा से ही अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं जिससे संक्रमण काफी हद तक रूका हुआ है। यही नहीं पूरे देश की पुलिस और स्वास्थ्यकर्मी भी कोरोना से लड़ने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। यदा-कदा वाक्यों को छोड़ दिया जाए तो पुलिस ने भी कर्फ्यु के बावजूद किसी भी व्यक्ति को नाजाय परेशान नहीं किया और उन्हें उनका कर्तव्य समझाकर ही उन्हें घरों क अन्दर रहने के लिए प्रेरित किया। स्वास्थ्यकर्मी कोरोना रोगियों के लिए दिन-रात एक किये हुए हैं और उन्हीं के प्रयासां का यह परिणाम है कि अब इस बीमारी के एक माह बाद भी कोरोना पीड़ित काफी प्रतिशत संख्या में ठीक होकर अपने घर जा रहे हैं। यह एक सुखद संदेश है। हिमाचल प्रदेश में यहॉं की सरकार , पुलिस व प्रशासन ने जिस तरह इस लड़ाई को लड़ा उसकी जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है। अगर हमारे कुछ नादान साथी दिल्ली की जमात में न गये होते और अगर गये भी थे तो वापिस आकर न छुपते और सरकार के सामने पेश होकर अपना स्वास्थ्य जांच कराते तो शायद यह स्थिति भी न होती। धीरे -धीरे हिमाचल कोरोना मुक्ति की ओर चल रहा है और चंद ही कोरोना के मरीज रह गये हैं और उम्मीद की जा सकती है कि अगले 8-10 दिन में सिरमौर के साथ-साथ पूरा हिमाचल भी कोरोना मुक्त हो जाएगा।

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